पीछे मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

परिचय

कक्षा 11 से लेकर स्नातकोत्तर कक्षाओं, जिसमें आयुर्वेदिक, इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा भी शामिल हैं, में अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिये प्रोत्साहित करना ।

उदेद्श

कक्षा 11 से लेकर स्नातकोत्तर कक्षाओं, जिसमें आयुर्वेदिक, इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा भी शामिल हैं, में अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिये प्रोत्साहित करना ।

पात्रता

छात्रावासी दर की पात्रता न केवल विभागीय छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को हैं, बल्कि शिक्षा विभाग के विश्वविद्यालय और अन्य छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी पात्रता है ।

लाभ एवं संपर्क

निम्नानुसार पाठ्यक्रमों को 4 समूहों में बांटा जाकर निम्नानुसार दरों से निर्वाह भत्ता एवं फीस की प्रतिपूर्ति की जाती है:- समूह एक (सामान्यतः डिग्री व पोस्ट ग्रेजुयेशन कोर्सेस) गैर छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 550/- छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 1200/- (राज्य शासन के स्त्रोतों से) = 1500 समूह दो गैर छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 530/- छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 820/- समूह तीन गैर छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 300/- छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 570/- समूह चार गैर छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 230/- छात्रावासी (निर्वाह भत्ता) - 380/- आय-सीमा फीस प्रतिपूर्ति हेतु अभिभावक की वार्षिक आय-सीमा समस्त ग्रुप के लिये निम्नानुसार हैः- केन्द्र शासन द्वारा वार्षिक आय सीमा रू 2.50 लाख निर्धारित है किन्तु राज्य शासन के स्त्रोतों से रूपये 2.50 लाख से अधिक किन्तु रूपये 3.00 लाख से कम आय होने पर आधी फीस की प्रतिपूर्ति की जाती है। मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस., इंजीनियरिंग नर्सिंग, बी.एड., पाॅलीटेक्निक , डिप्लोमा फार्मेसी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शुल्क नियामक समिति द्वारा निर्धारित न्यूनतम अनिवार्य शुल्क के समतुल्य शुल्क की प्रतिपूर्ति प्रावीण्यता के क्रम में की जाती है। व्यवसायिक पाठ्यक्रम, आई.आई.टी., आई.आई.एम., एन.आई.एफ.टी. जैसे राष्ट्रीय पाठ्यक्रमों में प्रवेष लेने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को भारत शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अतिरिक्त उनके अध्ययन पर होने वाला सम्पूर्ण व्यय भार राज्य शासन उठायेगा। संपर्क- सहायक आयुक्त/जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग।

प्रक्रिया

शिक्षा सत्र के प्रारंभ में विद्यार्थियों द्वारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय/ महाविद्यालय में निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया जाता है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय/महाविद्यालय में प्राचार्य छात्रवृत्ति स्वीकृत करने के लिये सक्षम है। अशासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नवीन प्रकरण में कलेक्टर नवीनीकरण में जिलाधिकारी द्वारा स्वीकृत की जाती है । वितरण बैंक के माध्यम से किया जाता है। छात्रों को आवेदन-पत्र के साथ पिछली संस्था की टी0सी0/अंकसूची, आय प्रमाण-पत्र एवं स्थाई जाति प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।

योजना प्रोफ़ाइल

NA
NA
NA
NA
NA
NA
NA से NA तक
NA
NA
NA